साधू संत सब कह गए, दिल को रखिये साफ़ |
जो करेगा सो भरेगा, आप कीजिये सबको माफ़ ||
Prashant Bhardwaj, Feb’2011
साधू संत सब कह गए, दिल को रखिये साफ़ |
छुट्टी ऐसे काटिए, के अपने खुश हो जाएँ|
जब भी दिल करे बोलने का, करो अपनों से बात |
कॉरपोरेट जगत मूया, लगा राजनीती खेल |
ज्ञान वहां पर बांटिये, जहाँ मुनासिब होए |