Tag: gyanchand dohewale

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    साधू संत सब कह गए, दिल को रखिये साफ़ |

    जो करेगा सो भरेगा, आप कीजिये सबको माफ़ ||
    Prashant Bhardwaj, Feb’2011

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    छुट्टी ऐसे काटिए, के अपने खुश हो जाएँ|

    ना कोई अनजाना घर आये, और घर के न बहार जायें||
    ना रोटी की चिंता, न नाश्ते की फिकर |
    साथ हो बातें हो, बातों से पेट भर जाये ||

    Prashant Bhardwaj, Jan-2011

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    जब भी दिल करे बोलने का, करो अपनों से बात |

    अपने अपने ही रहे, न दिन देखें न रात ||
    दिन देखें न रात, सदा ही सुन-ने को तैयार|
    बात तुम्हारी एक हो, चाहे बात तुम्हारी चार||
    Prashant Bhardwaj, Jan’11

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    कॉरपोरेट जगत मूया, लगा राजनीती खेल |

    पीठ के पीछे गाली देवत, सामने पड़े तो मेल ||
    Prashant Bhardwaj, Jan’11

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    ज्ञान वहां पर बांटिये, जहाँ मुनासिब होए |

    ऐसन को ज्ञान न बांटिये, जो अब पाए तब खोये||
    Prashant Bhardwaj, Jan’11