Category: हिंदी

  • हैशटैग आपबीती !

    क्या मार्किट में एक नया फ़ोन आया है ?

    मस्त नए फीचर्स वाला?

    बड़ी स्क्रीन बड़ी बैटरी छोटा साइज और ऐसे 50 नए फीचर जिनका पूरी दुनिया इंतज़ार कर रही थी?

    क्या आपका बोनस आने वाला है?

    क्या आप नया फ़ोन लेने के लिए तड़प रहे हैं?

    क्या आपने अपने 3-4 व्हाट्सएप्प ग्रुप्स पर अच्छे से रिसर्च करके, दोस्तों का टाइम ख़राब करके , फ़ोन फाइनल भी कर लिया है?

    क्या आपने बीवी का अप्रूवल भी ले लिया है?

    तो देर किस बात की?

    पर रुकिए!!!!!! पहले एक बार पुराने फ़ोन का कवर चेंज करके देखिये (एंड्राइड हो तो थीम भी बदल दीजिये) कुछ पुरानी एप्प्स डिलीट करके नयी डाल लीजिये !

    शायद आपकी दिमागी हालत पर कुछ फरक पड़े!

    3 महीने बाद फिर यही करेंगे ! नमस्कार!

     

  • Ghar ghar ki kahani

    प्रिय मित्रों!

    यदि आपको अपना घर छोटा लगता है, नियमित रूप से एक सप्ताह घर में झाड़ू पोंछा करें! बड़ा लगने लगेगा।

  • ज्ञानचंद दोहेवाले

    पोथी पड़ पड़ जग मुआ पंडित भया न कोई
    लेटेस्ट सेल्फ-हेल्प बुक पड़े सो पंडित होए ॥

  • Months in the Hindu Calendar

    A lot of us are not sure of these, however here is a list… Enjoy 🙂

    • चैत्र
    • वैशाख
    • ज्येष्ठ
    • आषाढ़
    • श्रावण
    • भाद्रपद
    • आश्विन
    • कार्तिक
    • मार्गशीर्ष
    • पौष
    • माघ
    • फाल्गुन
  • नया साल

    नए साल में सोच रहा हूँ के पैसा नहीं समय कमाऊंगा !
    दो चार दिन खाली बैठूं , पर जहाँ दिल लगे वहाँ वक़्त बिताउंगा।

    कभी आसमां देखूंगा और कभी तारे गिनते गिनते सो जाउंगा
    कभी बारिश हो रही होगी तो पानी में भीगने से नहीं शरमाउंगा।

  • Just Like that…

    मेरे हाथों से आती तेरी खुश्बू से तेरे होने का एहसास होता है…
    तेरे संग बिताया एक लम्हा बाकी सब लम्हों से ख़ास होता है ।

  • रोज़ी रोटी

    कल वो खाते थे , आज ये खाते हैं .. ज़्यादातर लोग बस येही गाना गाते हैं

    सुबह से शुरू होता है ये किस्सा, रात तक खा पीकर सो जाते हैं
    पर ये सोचिये के ये साले भ्रष्ट नेता हमारे ही चुनाव से आते हैं
    वोटिंग के दिन छुट्टी मनाकर और उसके बाद हर रोज़ नेताओं को गालियाँ खिलाकर
    आप और हम आखिर क्या पाते हैं?
    क्या इस-से नेता सुधर जाते हैं?
    या फिर हम आगे बड़ जाते हैं ?
    फिर रात होगी फिर सब सो जायेंगे। सुबह उठ कर फिर वही कार्यक्रम अपनाएंगे
    अखबार पड़ेंगे समाचार देखेंगे और नेताओं को गालियाँ सुनायेंगे
    फिर अपनी रोज़ी रोटी के चक्कर में सब भूल जायेंगे!
  • खाली

     

    जो मैं इस के झूठों से खाली हुआ हूँ
    उसी पल से इतना मामूली हुआ हूँ
    इसे टुकड़ा टुकड़ा हज़म कर रहा हूँ
    जादू जो समझा…. ख़तम कर रहा हूँ
    नहीं जानता मैं भी क्या कर रहा हूँ
    ख्याल आ रहा है ये जाने कहाँ से
    मिट्टी है मिट्टी में ही दफन होगी
    ये दुनिया मेरे साथ ही ख़त्म होगी- धुर्जटा

  • कमाई

    तुम से प्रेम कमा लेता हूँ
    थोड़ी सी मेहनत लगती है
    पर पूरा सुख पा लेता हूँ
    क्या क्या जतन हुआ करते है
    आओ तुम्हे बता देता हूँ
    या रहने दो
    बोल के अक्सर
    चीज़ें बहुत गवा देता हूँ
    यूँ भी होता रहे तो काफी
    है मुझ को दिन ढल जाने तक
    ओस चाट के प्यास बुझाई
    हम ने तुझ से मिल पाने तक
    कितने बाजारों में भटके
    चाकर हुए , मिली न कौड़ी
    कितनो ने छोड़ा था बैरंग
    पर दिल ने उम्मीद न छोड़ी
    उम्मीद भी जब जाने लगती है
    तुम पर आस टिका देता हूँ
    तुम से प्रेम कमा लेता हूँ
    हाँ तुम से सुख पा लेता हूँ – धुर्जटा

  • ज़िक्र

    खुद से भी अब यार करते नहीं
    की हम ने कितनो से बातें तेरी
    किसी खाली कोने में जब मुस्कुराये
    उजला हुआ चाँद तो गीत गाए
    FB का status बस इक smiley था
    हर बात मेरी तेरा ज़िक्र ही था
    कभी खत्म तुझ से सरोकार होगा
    हमें न पता था की ये दौर होगा- धुर्जटा